यात्रा……….बोधगया

बुधम शरणम् गच्छामि” ” “धम्मम शरणम् गच्छामि” “संघम शरणम् गच्छामि” बाल्य काल से ही पाठ्य पुस्तकों में बुध के जीवन चरित्र संबंधी जब लेख पढ़ता था तभी से लेख के आरम्भ में लिखीं उपरोक्त तीन पंक्तियां मुझे बहुत आकर्षित करती थी। मैं इन पंक्तियों को पढ़ तो लेता था पर उनके अर्थ जानने के लिए…